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Category: अनमोल वचन

कष्ट और क्षति सहने के पश्चात् मनुष्य अधिक विनम्र…

कष्ट और क्षति सहने के पश्चात् मनुष्य अधिक विनम्र और...

मनुष्य के लिए निराशा के समान दूसरा पाप नहीं है…

मनुष्य के लिए निराशा के समान दूसरा पाप नहीं है। इसलिए...

मनुष्य के लिए निराशा के समान दूसरा पाप नहीं है…

मनुष्य के लिए निराशा के समान दूसरा पाप नहीं है। इसलिए...

जो अपने लक्ष्य के प्रति पागल हो गया है…

जो अपने लक्ष्य के प्रति पागल हो गया है, उसे ही प्रकाश...

जिसे धीरज है और जो मेहनत से नहीं घबराता…

जिसे धीरज है और जो मेहनत से नहीं घबराता, कामयाबी उसकी...

चाहे धैर्य थकी घोड़ी हो….

चाहे धैर्य थकी घोड़ी हो, परंतु फिर भी वह धीरे-धीरे...

जब तक तुममें दूसरों के दोष देखने की आदत मौजूद है…

जब तक तुममें दूसरों के दोष देखने की आदत मौजूद है। तब...

जो चीज विकार को मिटा सके….

जो चीज विकार को मिटा सके। राग-व्देष को कम कर सके। जिस...

धर्म तो मानव-समाज के लिए अफीम है..

धर्म तो मानव-समाज के लिए अफीम है। – कार्ल मार्स्क

ज्ञानवान मित्र ही जीवन का सबसे बड़ा वरदान है…

ज्ञानवान मित्र ही जीवन का सबसे बड़ा वरदान है। –...

मुँह के सामने मीठी बातें करने और पीठ पीछे छुरी चलानेवाले…

मुँह के सामने मीठी बातें करने और पीठ पीछे छुरी...

सच्चे मित्र को दोनों हाथों से पकड़कर रखो…

सच्चे मित्र को दोनों हाथों से पकड़कर रखो। – नाइजिरियन...

दुसरे के दोष पर ध्यान देते समय हम स्वयं बहुत भले बन जाते हैं…

दुसरे के दोष पर ध्यान देते समय हम स्वयं बहुत भले बन...

जब तक तुममें दूसरों के दोष देखने की आदत मौजूद है…

जब तक तुममें दूसरों के दोष देखने की आदत मौजूद है। तब...

पैसा आपका सेवक है। यदि आप उनका उपयोग जानते हैं…

पैसा आपका सेवक है। यदि आप उनका उपयोग जानते हैं; वह...

दान देना ही आमदमी का एकमात्र…

दान देना ही आमदमी का एकमात्र व्दार है। – स्वामी...