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जब अवैध रूप से भारत में गिराए गए सैकड़ों राइफल, पिस्तौल, ग्रेनेड

जब अवैध रूप से भारत में गिराए गए सैकड़ों राइफल, पिस्तौल, ग्रेनेड

 

  • जब अवैध रूप से भारत में गिराए गए सैकड़ों राइफल, पिस्तौल, ग्रेनेड

    आज से 23 साल पहले 1995 के दिसंबर की एक रात पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में सैकड़ों AK-47 राइफलें, पिस्तौल, एंटी टैंक ग्रेनेड, रॉकेट लॉन्चर और गोलियां गिराई गई थीं. इसे पुरुलिया हथियार कांड के नाम से जाना गया और दशकों बाद भी ये घटना रहस्य ही बनी रही. ये घटना अब चर्चा में इसलिए आ गया क्योंकि हथियार गिराने के एक आरोपी किम डेवी आज तक पकड़ में नहीं आया है और डेनमार्क में रहता है. पीएम मोदी इस वक्त नॉर्डिक देशों के दौरे पर हैं. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी और डेनमार्क के पीएम लार्स लोके रासमुसेन की किम डेवी के प्रत्यर्पण को लेकर बात हुई है. तो क्या था पुरुलिया हथियार कांड, आइए जानते हैं विस्तार से… (प्रतीकात्मक फोटो)

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      हथियार गिराने के लिए रूसी एएन-26 एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया गया था. एयरक्राफ्ट ने कराची से उड़ान भरी थी और ढाका को लक्ष्य बताया गया. लेकिन इंधन के लिए एयरक्राफ्ट वाराणसी पहुंचा था. (प्रतीकात्मक फोटो)जब अवैध रूप से भारत में गिराए गए सैकड़ों राइफल, पिस्तौल, ग्रेनेड

      एक रिपोर्ट के मुताबिक, एयरक्राफ्ट में कुल 4 टन खतरनाक हथियार थे और यह बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए निकल गया. (प्रतीकात्मक फोटो)

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    इस मामले में लातविया के 5 नागरिकों और एक ब्रिटिश व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. बाद में लातविया के लोगों को जेल से छोड़ दिया गया था. 2004 में इंग्लैंड के आरोपी को भी राष्ट्रपति की ओर से ब्रिटिश सरकार के अनुरोध पर माफ कर दिया गया था. (प्रतीकात्मक फोट \\

    अवैध हथियार गिराने के मामले में भारत सरकार इससे पहले भी कई बार किम डेवी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर चुकी है. लेकिन डेनमार्क की ओर से इन्हें खारिज कर दिया गय

 

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